Sai Cabinet Ke Faisle: ग्रामीणों को बड़ा तोहफा, अब 125 दिन मिलेगा रोजगार, कैबिनेट में कई अहम फैसलों पर मुहर
125 दिन रोजगार गारंटी, अटल आजीविका समृद्धि हाट और CBG नीति को कैबिनेट की मंजूरी

Sai Cabinet Ke Faisle: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। Sai Cabinet Ke Faisle
कैबिनेट बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीण रोजगार, आजीविका संवर्धन और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। Sai Cabinet Ke Faisle
ग्रामीणों को बड़ा तोहफा, अब 125 दिन मिलेगा रोजगार
कैबिनेट ने “विकसित भारत – रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी-जी राम जी योजना छत्तीसगढ़” के प्रारूप को मंजूरी दे दी है।
योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को अब प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के अकुशल श्रम आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
- हर पात्र ग्रामीण परिवार को 125 दिन रोजगार।
- जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन पर विशेष फोकस।
- ग्रामीण अधोसंरचना विकास को बढ़ावा।
- आजीविकामूलक परिसंपत्तियों का निर्माण।
- डिजिटल निगरानी और पारदर्शी क्रियान्वयन।
- पीएम गति शक्ति और अन्य योजनाओं के साथ समन्वय।
4000 करोड़ रुपये का प्रावधान
योजना के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच व्यय अनुपात 60:40 रहेगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने 4,000 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है।
“अटल आजीविका समृद्धि हाट” योजना को मिली मंजूरी
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने अटल आजीविका समृद्धि हाट योजना शुरू करने का फैसला लिया है।
योजना के तहत स्थापित होंगे
- हथकरघा एवं हस्तशिल्प केंद्र
- बुनाई-सिलाई इकाइयां
- राइस मिल, दलहन और तिलहन प्रसंस्करण इकाइयां
- डेयरी इकाइयां
- कोल्ड स्टोरेज
- सोलर ड्रायर
- कृषि उपकरण मरम्मत केंद्र
- अटल डिजिटल केंद्र
- विपणन एवं आपूर्ति केंद्र
क्या होगा फायदा?
- स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- ग्रामीण उत्पादों को बेहतर बाजार मिलेगा।
- कृषि और खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
- डिजिटल और सेवा आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
इस योजना के लिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को नोडल एजेंसी तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।
छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति 2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति (CG-CBG Policy) 2026 के प्रारूप को भी स्वीकृति प्रदान कर दी है।
इस नीति के तहत कृषि अवशेष, पशुधन अपशिष्ट, नगरीय ठोस कचरे और अन्य जैविक संसाधनों से कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) का उत्पादन किया जाएगा।
नीति के प्रमुख उद्देश्य
- अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा।
- स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन।
- ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी।
- जैविक उर्वरकों का उत्पादन।
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती।
5 लाख टन CBG उत्पादन की संभावना
सरकार के अनुसार अंजोर विजन 2047 के तहत राज्य में प्रतिवर्ष लगभग 5 लाख टन कम्प्रेस्ड बायोगैस उत्पादन की क्षमता मौजूद है।
इस नीति के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण को नोडल एजेंसी बनाया गया है।









