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EXPOSED ! महिला शौचालय का बोर्ड लेकिन अंदर Gents शौचालय बना दिया: 71 लाख का तहसील भवन बना भ्रष्टाचार की मिसाल, 3.5 महीने में ही टपकने लगी छत

71 लाख का तहसील भवन बना भ्रष्टाचार की मिसाल, 3.5 महीने में ही टपकने लगी छत

EXPOSED कोरिया। कोरिया जिले में लोक निर्माण विभाग (PWD) अब विकास नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और लापरवाही का प्रतीक बनता जा रहा है। ताज़ा मामला बचरापोड़ी में बने नवनिर्मित तहसील भवन का है, जिस पर 71 लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन निर्माण के महज साढ़े तीन महीने बाद ही छत से पानी टपकने लगा है। EXPOSED

हैरानी की बात यह है कि भवन में बिना बारिश के ही सीपेज, दीवारों में दरारें, और खिड़कियों की घटिया फिटिंग सामने आ रही है। कई खिड़कियां ठीक से नहीं लगाई गईं, जिससे वे टूटने लगी हैं। नया सरकारी भवन खुद अपनी बदहाली की कहानी बयान कर रहा है।

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शौचालय व्यवस्था में भी भारी गड़बड़ी

तहसील भवन में अव्यवस्था की हद तब सामने आई, जब यहां महिला शौचालय का बोर्ड लगा हुआ है, लेकिन अंदर गेंट्स के लिए शौचालय बना दिया गया है। यह न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है, बल्कि महिलाओं की गरिमा और सुविधा के साथ सीधा मज़ाक भी है। सरकारी भवन में इस तरह की बुनियादी गलती यह साबित करती है कि निर्माण कार्य के दौरान न तो तकनीकी निगरानी हुई और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर जाकर जांच की। सवाल उठता है कि जब शौचालय जैसी मूलभूत व्यवस्था में भी ऐसी चूक हो सकती है, तो पूरे भवन की गुणवत्ता पर भरोसा कैसे किया जा सकता है?

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गुणवत्ता पर बड़ा सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी—

  • जमगहना स्कूल भवन
  • पटना का नया तहसील भवन
  • अन्य शासकीय निर्माण कार्य

में गंभीर तकनीकी खामियां उजागर हो चुकी हैं। बावजूद इसके न तो जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई हुई और न ही ठेकेदारों की जवाबदेही तय की गई।

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भ्रष्टाचार या खुली लूट?

अब सबसे बड़े सवाल यह हैं—

  • क्या बिना गुणवत्ता जांच के भुगतान कर दिया गया?
  • क्या निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ?
  • क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी?
  • या फिर यह फाइलों में दबा दिया जाएगा?

जनता के टैक्स के पैसों से बने भवनों की यह हालत सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है।

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अधिकारी फोन उठाने से भी बच रहे

नोट करने वाली बात यह भी है कि एमसीबी जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया, जिससे सवाल और गहरे हो गए हैं।

EXPOSED ! महिला शौचालय का बोर्ड लेकिन अंदर Gents शौचालय बना दिया: 71 लाख का तहसील भवन बना भ्रष्टाचार की मिसाल, 3.5 महीने में ही टपकने लगी छत

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