CG guideline 2025: छत्तीसगढ़ में जमीन की गाइडलाइन रेट पर सरकार का बड़ा U-Turn, कई प्रमुख आदेश तत्काल प्रभाव से वापस
छत्तीसगढ़ में जमीन की गाइडलाइन रेट पर सरकार का आदेश तत्काल प्रभाव से वापस

CG guideline 2025 रायपुर, 8 दिसंबर 2025। जमीन की गाइडलाइन दरों में हाल ही में की गई बढ़ोतरी को लेकर चल रहे विरोध, आपत्तियों और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के कई क्षेत्रों में गाइडलाइन दरों में किए गए संशोधनों को केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने पुनरीक्षण के बाद वापस ले लिया है।
राज्य के पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 19 नवंबर 2025 को तय की गई कई दरों को रद्द करते हुए नए सिरे से मूल्यांकन किया जाएगा। विभाग ने आम जनता, डेवलपर्स और संबंधित हितधारकों से 31 दिसंबर 2025 तक सुझाव और आपत्तियाँ भी आमंत्रित की हैं।
कौन-कौन से बड़े आदेश हुए वापस?
नगरीय क्षेत्रों में 1400 वर्गमीटर तक इंक्रीमेंटल आधार पर गणना का आदेश रद्द
पहले, 50% तक इंक्रीमेंटल बढ़ोतरी का प्रावधान लागू किया गया था, जिसे अब वापस ले लिया गया है। इससे शहरी संपत्ति की कीमतों में प्रस्तावित भारी बढ़ोतरी रुक जाएगी।
बहुमंजिला भवनों के सुपर बिल्ट-अप एरिया पर मूल्यांकन का आदेश निरस्त
- अब बहुमंजिला इमारतों (फ्लैट/दुकान/ऑफिस) का मूल्यांकन ‘सुपर बिल्ट-अप’ के आधार पर नहीं होगा।
- मूल्यांकन फिर से पारंपरिक ‘बिल्ट-अप एरिया’ के आधार पर किया जाएगा।
यह फैसला बिल्डरों और खरीदारों दोनों के लिए राहत लेकर आया है।
कमर्शियल भवन व कंटेनमेंट ज़ोन में सामने और पीछे की दर समान करने का आदेश भी वापस
- अब कमर्शियल प्रॉपर्टी की कीमतें सड़क से दूरी के आधार पर तय होंगी।
- सड़क किनारे (फ्रंट) वाली व पीछे (रियर) वाली संपत्तियों के रेट अलग-अलग रहेंगे, जिससे वास्तविक बाजार स्थिति के अनुरूप कीमतें तय होंगी।
20 मीटर रोड पर स्थित संपत्तियों के रेट में 25% की एकमुश्त वृद्धि वाला नियम भी रद्द
अब इन संपत्तियों का मूल्यांकन पूर्व निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा।
जनता से सुझाव आमंत्रित — 31 दिसंबर अंतिम तारीख
केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने स्पष्ट कहा है कि सभी नागरिक, डेवलपर्स, व्यापारी, बिल्डर और हितधारक 31 दिसंबर 2025 तक अपने सुझाव, आपत्तियाँ और माँगें पंजीयन विभाग को भेज सकते हैं। इसके बाद राज्य की नई गाइडलाइन दरों का अंतिम मसौदा तैयार किया जाएगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
पिछले कुछ दिनों से विभिन्न जिलों में:
- व्यापारियों,
- बिल्डरों,
- उपभोक्ताओं
के बीच नए गाइडलाइन रेट पर असंतोष बढ़ रहा था। कई जगह विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन भी दिए गए। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने व्यापक विचार-विमर्श के बाद कई आदेश वापस लेने का निर्णय लिया।
तत्काल प्रभाव से लागू
सरकार ने इन सभी निर्णयों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश दिया है। यानी आज से ही पुराने संशोधित आदेश निरस्त माने जाएंगे और नई पुनरीक्षित प्रक्रिया लागू होगी।
राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि इन फैसलों से:
- प्रॉपर्टी की कीमतों में बढ़ोतरी पर रोक लगेगी,
- खरीदारों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा,
- डेवलपर्स को प्रोजेक्ट क़ीमतों को स्थिर रखने में आसानी होगी।



















