RTE Admission News: अधूरी जानकारी पर नाराज कोर्ट, कहा- सभी बच्चों और स्कूलों की पूरी सूची पेश करें
सत्र शुरू होने के बाद भी एडमिशन अधूरे, 20 अप्रैल को अगली सुनवाई
RTE Admission News: छत्तीसगढ़ में Right to Education Act के तहत प्रवेश प्रक्रिया में देरी को लेकर हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
Chhattisgarh High Court की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत अधूरी जानकारी पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट कहा कि अधूरी जानकारी स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी बच्चों तथा स्कूलों की पूरी सूची कोर्ट में पेश करनी होगी।
चीफ जस्टिस ने जताई नाराजगी
मामले की सुनवाई के दौरान Ramesh Sinha और Ravindra Kumar Agrawal की डिवीजन बेंच के सामने संयुक्त सचिव स्कूल शिक्षा ने जानकारी दी कि अब तक लगभग 25 हजार बच्चों का RTE के तहत प्रवेश कराया गया है।
इस पर चीफ जस्टिस ने नाराजगी जताते हुए कहा कि केवल संख्या बताने से काम नहीं चलेगा। किस स्कूल में किन बच्चों को प्रवेश दिया गया है, इसकी पूरी सूची पेश करनी होगी।
कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि जब नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, तो अब तक सभी बच्चों का दाखिला क्यों नहीं हो पाया।
जानिए सरकार के शपथ पत्र में क्या बताया गया
राज्य सरकार की ओर से पेश शपथ पत्र में बताया गया कि:
- प्रदेश के 6,861 स्कूलों में
- कुल 38,439 आवेदन प्राप्त हुए
- 21,698 सीटें उपलब्ध हैं
- 25,550 आवेदन स्वीकृत हुए
- 7,066 आवेदन खारिज किए गए
- 2,045 आवेदन लंबित हैं
कई जिलों में जांच की प्रक्रिया बेहद धीमी बताई गई है, जहां 10 प्रतिशत से भी कम आवेदन का सत्यापन हो सका है।
खाली सीटों को लेकर कोर्ट ने उठाए सवाल
कोर्ट ने इस बात पर भी चिंता जताई कि पहले करीब 80,000 सीटों की जानकारी दी गई थी, लेकिन अब कोर्ट में बताया गया कि 21,698 सीटें ही उपलब्ध हैं।
ऐसे में हजारों सीटें खाली रहने और गरीब बच्चों के प्रवेश से वंचित रहने की स्थिति पर कोर्ट ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
निजी स्कूलों पर लगे गंभीर आरोप
मामले में एक छात्रा ने हस्तक्षेप याचिका दाखिल करते हुए St. Xavier’s School पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायत में कहा गया है कि स्कूल में RTE के तहत प्रवेश लेने आने वाले छात्रों को सरकारी स्कूल में जाने की सलाह दी जाती है।
वहीं, Shankara Vidyalaya Bhilai के खिलाफ मिली शिकायतों पर जांच में स्कूल को भवन और सुविधाओं के साथ संचालित पाया गया है।
नए स्कूल को मिली CBSE से मान्यता
शपथ पत्र में यह भी बताया गया कि Narayana School Bilaspur को 1 अप्रैल 2026 से Central Board of Secondary Education से संबद्धता प्राप्त हुई है।
हालांकि, संबंधित शिकायतों पर गठित समिति की रिपोर्ट अभी लंबित है।
20 अप्रैल को अगली सुनवाई
कोर्ट ने राज्य सरकार को आवश्यक जानकारी प्रस्तुत करने के लिए समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल 2026 को तय की है।









