Govt Employees Leave Cancelled: छत्तीसगढ़ में अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक, जिला प्रशासन का आदेश
विधानसभा के मानसून सत्र को देखते हुए सक्ती और एमसीबी जिला प्रशासन ने जारी किए आदेश, विशेष परिस्थितियों में ही मिलेगी छुट्टी

Govt Employees Leave Cancelled: छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। विधानसभा का दशम सत्र 13 जुलाई 2026 से शुरू होने के मद्देनजर सक्ती जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। Govt Employees Leave Cancelled
विधानसभा सत्र तक नहीं मिलेगी छुट्टी
जारी आदेश के अनुसार, विधानसभा सत्र समाप्त होने तक जिले के सभी शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारी किसी भी प्रकार के अवकाश पर नहीं जा सकेंगे। साथ ही सभी अधिकारियों को अपने निर्धारित मुख्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्यालय प्रमुखों को भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों का कोई भी अवकाश स्वीकृत न करें।
विशेष परिस्थितियों में ही मिलेगी अनुमति
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी को अत्यंत आवश्यक कारणों से अवकाश की जरूरत होती है, तो उसका आवेदन संबंधित विभाग प्रमुख के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।
ऐसे मामलों में केवल कलेक्टर, सक्ती की स्वीकृति के बाद ही अवकाश प्रदान किया जाएगा।
इसके अलावा सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने मोबाइल फोन पर हर समय उपलब्ध रहने के निर्देश भी दिए गए हैं।
एमसीबी जिला प्रशासन ने भी जारी किया आदेश
इधर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिला प्रशासन ने भी विधानसभा मानसून सत्र को देखते हुए इसी प्रकार के निर्देश जारी किए हैं।
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने आदेश में कहा है कि 13 जुलाई से 17 जुलाई 2026 तक आयोजित विधानसभा सत्र के दौरान जिले के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अवकाश पर रोक रहेगी।
मुख्यालय छोड़ने से पहले लेनी होगी अनुमति
एमसीबी जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार, यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी को अपरिहार्य परिस्थितियों में अवकाश लेना हो या मुख्यालय छोड़ना हो, तो इसके लिए संबंधित कार्यालय प्रमुख की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी।
लिखित स्वीकृति प्राप्त किए बिना कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मुख्यालय नहीं छोड़ सकेगा।
क्यों लिया गया फैसला?
जिला प्रशासन के अनुसार, विधानसभा सत्र के दौरान जिले से जुड़े प्रश्नों के समयबद्ध, तथ्यात्मक और सटीक जवाब उपलब्ध कराने तथा प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसे सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।








