Retirement Age Hike 2026: कर्मचारियों को बड़ी सौगात, लाइन कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र अब 62 साल
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में कई अहम फैसलों पर लगी मुहर, संविदा कर्मचारियों को ग्रेच्युटी और बिजली चोरी की सूचना देने वालों को मिलेगा नकद इनाम

Retirement Age Hike 2026: मध्य प्रदेश की पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपने लाइन कर्मचारियों और संविदा कर्मचारियों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में लाइन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने, संविदा कर्मियों को ग्रेच्युटी का लाभ देने और बिजली चोरी की सूचना देने वालों को प्रोत्साहन राशि देने जैसे प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
अब 62 वर्ष की आयु तक देंगे सेवाएं
बोर्ड की बैठक में सबसे बड़ा फैसला लाइन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने को लेकर लिया गया। अब कंपनी के लाइन कर्मचारी 55 वर्ष के बजाय 62 वर्ष की आयु तक अपनी सेवाएं दे सकेंगे। इस निर्णय से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
संविदा कर्मचारियों को मिलेगा ग्रेच्युटी का लाभ
बैठक में संविदा (Contract) आधार पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। अब कंपनी में कार्यरत संविदा कर्मियों को भी ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा। इससे लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को सेवा समाप्ति के समय आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।
बिजली चोरी की सूचना देने वालों को मिलेगा नकद इनाम
बिजली चोरी और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए कंपनी ने नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। अब उपभोक्ता यदि बिजली चोरी की सूचना देंगे और जांच में वह सही पाई जाती है, तो उन्हें नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
‘वी कनेक्ट’ ऐप के जरिए मिलेगी प्रोत्साहन राशि
कंपनी के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा विकसित ‘वी कनेक्ट’ ऐप के माध्यम से बिजली चोरी या अन्य अनियमितताओं की सूचना देने वाले लोगों को DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए सीधे उनके बैंक खाते में प्रोत्साहन राशि भेजी जाएगी।
बोर्ड बैठक में लिए गए प्रमुख फैसले
- लाइन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 55 से बढ़ाकर 62 वर्ष की गई।
- संविदा कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा।
- बिजली चोरी की सूचना देने वालों को नकद पुरस्कार मिलेगा।
- ‘वी कनेक्ट’ ऐप के जरिए सूचना देने पर DBT के माध्यम से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
कंपनी का मानना है कि इन फैसलों से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, वहीं बिजली चोरी पर नियंत्रण और उपभोक्ता सहभागिता को भी मजबूती मिलेगी।








