Sai Cabinet Decision: गरीबों को मिलता रहेगा चना, योग अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन, साय कैबिनेट के बड़े फैसले
मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली में चना वितरण जारी रखने का निर्णय

Sai Cabinet Decision: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सोमवार को नवा रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने योग विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने का निर्णय लिया है। साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत पात्र हितग्राहियों को चना वितरण की व्यवस्था जारी रखने को भी मंजूरी दी गई है।
योग अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन
कैबिनेट ने योग विषय के प्रशासनिक नियंत्रण में बदलाव करते हुए इसे समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाने का निर्णय लिया है।
सरकार का मानना है कि योग, आयुष प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इससे जुड़ी शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं अन्य गतिविधियां राष्ट्रीय स्तर पर आयुष तंत्र के माध्यम से संचालित होती हैं। ऐसे में योग को चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने से बेहतर समन्वय और प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
गरीब परिवारों को मिलता रहेगा चना
मंत्रिपरिषद ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र परिवारों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
फैसले के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को नेकडेक्स-ई-मार्केट (NeML) के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकतम 0.25 प्रतिशत या उससे कम सर्विस चार्ज पर चना खरीदने की अनुमति दी गई है।
तीन महीने की अवधि वृद्धि को भी मंजूरी
कैबिनेट ने वर्तमान चना वितरण व्यवस्था को अप्रैल से जून 2026 तक तीन माह के लिए बढ़ाने के प्रस्ताव को भी अनुमोदित किया है। इस निर्णय से प्रदेश के लाखों पात्र हितग्राहियों को खाद्य एवं पोषण सुरक्षा योजनाओं के तहत चना वितरण बिना किसी बाधा के जारी रहेगा।
योजनाओं के प्रभावी संचालन पर जोर
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से एक ओर जहां योग शिक्षा एवं अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर गरीब परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ लगातार मिलता रहेगा। कैबिनेट के इन निर्णयों को जनकल्याण और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।








