हिडमा कौन था? देश के सबसे ख़तरनाक और वांछित नक्सली कमांडरों में शामिल माडवी हिड़मा आखिरकार सुरक्षा बलों की कार्रवाई में ढेर हो गया। PLGA बटालियन-1 का मुखिया और कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड हिड़मा वर्षों से पुलिस और एजेंसियों के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उसकी मौत नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है, क्योंकि वह रणनीति, जंगली नेटवर्क और हमलों की योजना बनाने में सबसे अहम चेहरा था। आंध्र प्रदेश के मारेदुमिल्ली जंगल में हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने उसे ढेर कर इस लंबे समय से फरार नक्सली अध्याय का अंत कर दिया।
हिडमा कौन था? Madvi Hidma
- असली नाम माडवी हिडमा (Madvi Hidma) था।
- वह CPI (माओवादी) (Maoist) संगठन का एक सीनियर कमांडर था और पीपुल्स लिबरेशन ग्यूरिल्ला आर्मी (PLGA) की बटालियन-1 का प्रमुख माना जाता था।
- हिडमा का जन्म छत्तीसगढ़ (पुवर्ति, सुकमा) में हुआ था।
- उसके ऊपर सुरक्षा बलों ने 1 करोड़ रुपये से भी ऊपर का इनाम घोषित किया था।
- वह कई बड़े नक्सली हमलों में शामिल रहा, जैसे 2013 का दरभा घाटी नरसंहार।
- हिडमा CPI (Maoist) की Central Committee का सदस्य था।
हिडमा एनकाउंटर — कब और कैसे हुआ? (Hidma Encounter
- हिडमा की 18 नवंबर 2025 को आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के माड़ेडुमिल्ली जंगलों में Greyhounds (एलिट सुरक्षा बल) के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई।
- उनकी पत्नी “राजे/राजक्का” भी उसी मुठभेड़ में मारी गईं।
- कुल मिलाकर 6 नक्सली मारे गए इस ऑपरेशन में।
- मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने AK-47 सहित हथियार बरामद किए।
विवाद — फेक एनकाउंटर या असली?
- कुछ नीतिगत और आदिवासी नेताओं ने दावा किया है कि यह एनकाउंटर फर्जी (fake) हो सकता है। पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने कहा कि हिडमा की हत्या में साजिश हो सकती है।
- दूसरी ओर, अधिकारियों का कहना है कि उनमें लेफ्ट विंग इनसर्जेंसी (नक्सली विद्रोह) के खिलाफ बड़ी जीत है।

हिडमा की विरासत और असर
- हिडमा को नक्सल संगठन में बहुत खतरनाक रणनीतिक और मिलिट्री कमांडर माना जाता था।
- उसकी मौत को सुरक्षा बलों ने माओवादी विद्रोह पर एक बड़ा झटका बताया है।
- लेकिन आदिवासी क्षेत्रों में कुछ लोगों ने उन्हें नायक के रूप में भी याद किया है।









