
Bilaspur Jail Murder: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर केंद्रीय जेल में मंगलवार को एक सनसनीखेज घटना सामने आई। तिहरे हत्याकांड में सजा काट रहे एक कैदी ने पाक्सो एक्ट के मामले में बंद विचाराधीन बंदी पर पत्थर से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बंदी को उपचार के लिए सिम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बैरक में लूडो खेलते समय हुआ हमला
जानकारी के अनुसार कोटा क्षेत्र के दवनपुर निवासी नीलू जगत वर्ष 2024 से पाक्सो एक्ट के मामले में विचाराधीन बंदी के रूप में जेल में निरुद्ध था। उसे केंद्रीय जेल की ई-वन बैरक में रखा गया था।
मंगलवार सुबह करीब 9 बजे बैरक में कुछ बंदी और कैदी लूडो खेल रहे थे, जबकि नीलू जगत पास में लेटा हुआ था। इसी दौरान तिहरे हत्याकांड में सजा काट रहा कैदी राजेश राय वहां पहुंचा और हाथ में रखे पत्थर से नीलू के सिर पर लगातार हमला कर दिया।
अचानक हुए हमले से बैरक में अफरा-तफरी मच गई। अन्य बंदियों ने बीच-बचाव किया, लेकिन तब तक नीलू गंभीर रूप से घायल हो चुका था।
सिम्स अस्पताल में उपचार के दौरान मौत
घटना की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन ने घायल बंदी को तत्काल सिम्स अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन दोपहर करीब 12 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है।
एक ही विशेष बैरक में रखे गए थे दोनों
जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी के अनुसार आरोपी कैदी राजेश राय वर्ष 2011 से मानसिक बीमारी से पीड़ित है और उसका इलाज जेल में चल रहा था। वहीं मृतक नीलू जगत को मिर्गी की बीमारी थी, जिसके चलते उसका भी नियमित उपचार किया जा रहा था।
इन्हीं स्वास्थ्य कारणों के चलते दोनों को विशेष निगरानी वाली एक ही बैरक में रखा गया था। बैरक में अन्य ऐसे बंदी भी थे जिन्हें नियमित चिकित्सकीय निगरानी और दवाइयों की आवश्यकता थी।
तीन दिन पहले खारिज हुई थी सजा माफी की अर्जी
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी राजेश राय और उसके पिता हरि राय हत्या के एक मामले में सजा काट रहे हैं। राजेश के एक भाई को पहले सजा माफी मिल चुकी है।
बताया जा रहा है कि राजेश राय ने भी सजा में राहत के लिए आवेदन किया था, लेकिन राज्य सरकार ने तीन दिन पहले उसकी सजा माफी की अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद से वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था।
हमले की वजह तलाश रही पुलिस
फिलहाल पुलिस और जेल प्रशासन इस बात की जांच कर रहे हैं कि आरोपी ने नीलू जगत को ही निशाना क्यों बनाया। दोनों के बीच किसी प्रकार का विवाद था या हमला मानसिक अस्थिरता का परिणाम था, इसकी पड़ताल की जा रही है।
जेल सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद केंद्रीय जेल की सुरक्षा व्यवस्था और विशेष निगरानी वाले बंदियों की मॉनिटरिंग को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस और जेल प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटे हुए हैं।








