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Bilaspur High Court: मजदूरों की सुविधाओं पर हाई कोर्ट सख्त, रेलवे से पूछा- बिना व्यवस्था गुड्स शेड क्यों किया शिफ्ट?

उसलापुर गुड्स शेड में पानी-बिजली तक नहीं, कोर्ट बोला- मजदूर भी इंसान हैं, हर हाल में दें बुनियादी सुविधाएं

Bilaspur High Court: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने उसलापुर गुड्स शेड में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर रेलवे अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि मजदूर भी इंसान हैं और उन्हें हर हाल में पीने का पानी, बिजली, सड़क, शेड और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। अदालत ने सवाल उठाया कि जब उसलापुर गुड्स शेड में पर्याप्त सुविधाएं नहीं थीं, तो उसे चालू क्यों किया गया। मामले की अगली सुनवाई 17 जून को होगी।

यह मामला रेलवे माल गोदाम मजदूर यूनियन और नया माल गोदाम ट्रक यूनियन द्वारा हाई कोर्ट में दायर याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव और मानस वाजपेयी ने अदालत को बताया कि रेलवे ने बिलासपुर रेक पॉइंट गुड्स शेड को बंद कर बिना बुनियादी सुविधाओं के पूरा काम उसलापुर शिफ्ट कर दिया है।

मामले की सुनवाई जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की सिंगल बेंच में हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने रेलवे की ओर से उपस्थित केंद्र सरकार के डिप्टी सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा से कड़े सवाल पूछे। कोर्ट ने कहा कि क्या रेलवे मजदूरों को इंसान नहीं समझती, जो बिना सुविधाओं के काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

रेलवे की ओर से दावा किया गया कि सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने अदालत में फोटोग्राफ और संयुक्त जांच रिपोर्ट पेश कर बताया कि उसलापुर गुड्स शेड में बुनियादी व्यवस्थाओं का अभाव है। अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि रेलवे और यूनियन की संयुक्त जांच रिपोर्ट में भी सुविधाओं की कमी का उल्लेख किया गया है।

याचिकाकर्ताओं ने अदालत को यह भी बताया कि आगामी मानसून सीजन में फर्टिलाइजर की आवक और सप्लाई प्रभावित न हो, इसके लिए बिलासपुर कलेक्टर ने रेलवे को पत्र लिखकर सितंबर तक बिलासपुर रेक पॉइंट चालू रखने की मांग की है।

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने रेलवे प्रशासन से पूछा कि आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में कितना समय लगेगा। रेलवे की ओर से 15 दिन का समय मांगा गया, जबकि याचिकाकर्ताओं ने कहा कि काम पूरा होने में कम से कम तीन महीने लगेंगे। इस पर कोर्ट ने कहा कि अब पूरे काम की मॉनिटरिंग हाई कोर्ट करेगा।

अदालत ने रेलवे और जिला प्रशासन को अगली सुनवाई से पहले विस्तृत जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। वहीं याचिकाकर्ताओं ने दोनों रेक पॉइंट—बिलासपुर और उसलापुर—को एक साथ संचालित रखने की मांग करते हुए कहा कि इससे परिवहन लागत और शहर में ट्रैफिक दबाव कम होगा।

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि उसलापुर गुड्स शेड क्षेत्र में असामाजिक तत्वों द्वारा मजदूरों और व्यापारियों को धमकाने की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन पुलिस स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

TheBharatExpress Desk

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