8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग पर आज महामंथन, क्या बढ़ेगी कर्मचारियों की सैलरी?
भुवनेश्वर में 6 और 7 जुलाई को होगी आयोग की अहम बैठक, कर्मचारियों और पेंशनर्स की मांगों पर होगा मंथन, फिटमेंट फैक्टर को लेकर बढ़ी उम्मीदें

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए अहम मानी जा रही 8वें वेतन आयोग की दो दिवसीय बैठक आज से ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में शुरू हो गई है। यह बैठक 6 और 7 जुलाई तक चलेगी, जिसमें आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद करेगा। इससे पहले आयोग दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और लखनऊ में भी ऐसी बैठकें आयोजित कर चुका है।
कर्मचारियों और पेंशनर्स की मांगों पर होगा मंथन
बैठक के दौरान आयोग कर्मचारियों, पेंशनर्स और विभिन्न संगठनों से वेतन, भत्ते, पेंशन और अन्य सेवा सुविधाओं से जुड़ी मांगों और सुझावों पर चर्चा करेगा। आयोग इन सभी सुझावों को संकलित कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसके आधार पर भविष्य में वेतन और पेंशन संरचना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
देशभर में चल रही है संवाद प्रक्रिया
8वां वेतन आयोग विभिन्न राज्यों में जाकर कर्मचारियों से संवाद कर रहा है। भुवनेश्वर बैठक के बाद आयोग की अगली बैठक 9 और 10 जुलाई को कोलकाता में आयोजित होगी। आयोग का उद्देश्य देश के अलग-अलग क्षेत्रों के कर्मचारियों की जरूरतों और चुनौतियों को समझकर संतुलित वेतन संरचना तैयार करना है।
जानिए आयोग के गठन की पूरी टाइमलाइन
केंद्र सरकार ने 16 जनवरी 2025 को 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। इसके बाद 28 अक्टूबर 2025 को आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को स्वीकृति मिली और 3 नवंबर 2025 को आयोग का औपचारिक गठन किया गया। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए लगभग 18 महीने का समय दिया गया है।
फिटमेंट फैक्टर पर टिकी सबसे बड़ी उम्मीद
इस बार सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। कर्मचारी और पेंशनर्स संगठन इसे 3.833 तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। यदि भविष्य में यह प्रस्ताव स्वीकार किया जाता है, तो न्यूनतम बेसिक वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर लगभग 69,000 रुपये तक पहुंच सकता है। वहीं न्यूनतम पेंशन 3,500 रुपये से बढ़कर करीब 9,000 रुपये हो सकती है।
अभी कोई आधिकारिक फैसला नहीं
हालांकि, फिटमेंट फैक्टर या वेतन वृद्धि को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है। आयोग विभिन्न पक्षों से सुझाव लेने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद अपनी अंतिम सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगा। इसके बाद ही सरकार अंतिम निर्णय लेगी। फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाहें आयोग की बैठकों और आगामी सिफारिशों पर टिकी हुई हैं।







