Employees Leave Encashment Rules 2026: 300 दिन तक की छुट्टियों का मिलेगा नकद भुगतान, सरकार ने किया स्पष्ट
वित्त विभाग ने जारी की नई गाइडलाइन, अधिकतम 300 दिनों के अर्जित अवकाश का मिलेगा नकद भुगतान

Employees Leave Encashment Rules 2026: मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के करीब 7 लाख सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए अर्जित अवकाश नकदीकरण (Leave Encashment) की प्रक्रिया को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। वित्त विभाग ने नई गाइडलाइन जारी करते हुए बताया है कि रिटायरमेंट या सेवाकाल के दौरान मृत्यु की स्थिति में कर्मचारियों को लीव इनकैशमेंट का लाभ किस प्रकार मिलेगा।
नई व्यवस्था के बाद कर्मचारी अब खुद भी अपने रिटायरमेंट पर मिलने वाली राशि का अनुमान आसानी से लगा सकेंगे।
क्या होता है लीव इनकैशमेंट?
सरकारी सेवा के दौरान कर्मचारियों के खाते में अर्जित अवकाश (Earned Leave) जमा होते रहते हैं। यदि कर्मचारी इन छुट्टियों का उपयोग नहीं करता है, तो रिटायरमेंट के समय सरकार इन बची हुई छुट्टियों के बदले नकद भुगतान करती है। इसी प्रक्रिया को लीव इनकैशमेंट कहा जाता है।
अधिकतम 300 दिनों का मिलेगा लाभ
वित्त विभाग की नई गाइडलाइन के अनुसार किसी भी सरकारी कर्मचारी को अधिकतम 300 दिनों के अर्जित अवकाश का ही नकद भुगतान मिलेगा।
यदि कर्मचारी ने सेवा अवधि के दौरान पहले कभी लीव इनकैशमेंट का लाभ लिया है, तो उतने दिनों को 300 दिन की अधिकतम सीमा से घटा दिया जाएगा।
उदाहरण:
- अधिकतम सीमा = 300 दिन
- यदि पहले 50 दिन का लीव इनकैशमेंट ले चुके हैं
- तो रिटायरमेंट पर अधिकतम 250 दिन का भुगतान मिलेगा
कैसे निकलेगी राशि?
लीव इनकैशमेंट की राशि कर्मचारी के अंतिम मूल वेतन (Basic Pay) और महंगाई भत्ते (DA) के आधार पर तय होगी।
फॉर्मूला:
(अंतिम बेसिक वेतन + DA) ÷ 30 × स्वीकृत अवकाश दिवस
उदाहरण से समझिए
मान लीजिए—
- अंतिम बेसिक वेतन = ₹50,000
- DA = 50%
- कुल वेतन = ₹75,000
एक दिन का वेतन:
₹75,000 ÷ 30 = ₹2,500
यदि कर्मचारी के पास 300 दिन का पात्र अवकाश है:
₹2,500 × 300 = ₹7,50,000
यानी कर्मचारी को लगभग ₹7.50 लाख का लीव इनकैशमेंट मिल सकता है।
सेवाकाल में मृत्यु होने पर भी मिलेगा लाभ
नई गाइडलाइन के अनुसार यदि किसी कर्मचारी की सेवा अवधि के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो नियमों के अनुसार उसके पात्र अर्जित अवकाश का नकद लाभ परिवार को दिया जाएगा।
क्यों जारी की गई नई व्यवस्था?
अब तक कई विभागों में लीव इनकैशमेंट की गणना में देरी होती थी। कई मामलों में कर्मचारियों को अपने भुगतान के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था।
नई गाइडलाइन के बाद—
- सभी विभागों में एक समान प्रक्रिया लागू होगी।
- गणना में पारदर्शिता बढ़ेगी।
- विवाद और तकनीकी त्रुटियां कम होंगी।
- कर्मचारियों को रिटायरमेंट राशि का अनुमान पहले से मिल सकेगा।
कर्मचारियों के लिए जरूरी सलाह
- हर साल अपना EL (Earned Leave) बैलेंस जांचते रहें।
- सर्विस बुक में दर्ज अवकाश रिकॉर्ड का सत्यापन करें।
- यदि पहले लीव इनकैशमेंट लिया है तो उसकी एंट्री अवश्य जांच लें।
- रिटायरमेंट से पहले अपने अवकाश रिकॉर्ड को अपडेट करा लें।








